Digestive Glands | Liver | DIGESTION OF FOOD

Advertisement Digestive Glands The digestive glands associated with the alimentary canal include the salivary glands, the liver and the pancreas. Saliva is mainly produced by three pairs of salivary glands, the parotids (cheek), the sub[1]maxillary/sub-mandibular (lower jaw) and the sub-linguals (below the tongue). These glands situated just outside the buccal cavity secrete salivary juice into …

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DIGESTION AND ABSORPTION | Alimentary canal | Small Intestine | Large Intestine

Advertisement DIGESTION AND ABSORPTION Food is one of the basic requirements of all living organisms. The major components of our food are carbohydrates, proteins and fats. Vitamins and minerals are also required in small quantities. Food provides energy and organic materials for growth and repair of tissues. The water we take in, plays an important …

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जन्मजात बीमारियाँ | जनन स्वास्थ्य-समस्याएं एवं योजनाएं

Advertisement Advertisement जनन स्वास्थ्य विश्व स्थास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एच, ओ.) के अनुसार जनन स्वास्थ्य का अर्थ-जनन के सभी पहलुओं सहित एक संपूर्ण स्वास्थ्य अर्थात्‌ शारीरिक, भावनात्मक, व्यवहारात्मक तथा सामाजिक स्वास्थ्य है। इसका संबंध उन बीमारियों, विकारों तथा स्थितियों से है जो जीवन के सभी चरणों के दौरान पुरुष तथा स्त्री के प्रजनन तंत्र की क्रियाविधि …

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मानव जनन | पुरुष जनन तंत्र | वृषण |

मानव जनन | पुरुष जनन तंत्र | वृषण | स्त्री जनन तंत्र | गर्भाशय

Advertisement Advertisement मानव जनन परिचय जनन एक ऐसी क्रिया है जिसमें जीवित प्राणी स्वयं के समान जीवों को उत्पन्न करता है और जनन तंत्र अंगों का ऐसा तंत्र है जो इस विधि में भाग लेता है। मानव लेंगिक रूप से जनन करने वाला और सजीवप्रजक या जरायुज प्राणी है। लैंगिक जनन में जनन की गति …

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SOLID STATE | CHEMISTRY CLASS 12 |

SOLID STATE | CHEMISTRY CLASS 12 | CLASSIFICATION OF SOLIDS

Advertisement UNIT-1:    THE SOLID STATE GENERAL CHARACTERISTICS OF SOLIDS Have definite mass, volume and shape. Intermolecular distances are short. Intermolecular forces are strong. Constituent particles have fixed positions. They can only oscillate about their mean positions. Incompressible and rigid. CLASSIFICATION OF SOLIDS Solids can be classified into two types. They are Crystalline Solids Amorphous …

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बीज के प्रकार |

बीज | बीज की संरचना | बीज के प्रकार |

Advertisement Advertisement बीज बीज स्पमेटोफाइट (जिम्मोस्पर्म व एंजियोस्पर्म) की विशेषता है। बीज में सम्पूर्ण पादप निहित होता है। आवृतबीजी पादपों में निषेचन के पश्चात्‌ अण्ड कोशिका भ्रूण में, अण्डाशय फल में तथा बीजाण्ड बींज में रूपांतरित हो जाते हैं। बीज की संरचना आकारिकी की दृष्टि से एक परिपक्व या निषेचित बीजाण्ड बीज कहलाता है। दूसरे …

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कीट परागण | निषेचन | युग्मक संलयन|

कीट परागण | निषेचन | युग्मक संलयन |

Advertisement Advertisement कीट परागण जब परागण कीटों द्वारा सम्पन्न किया जाता है तो इसे कीट परागण कहते हैं। अधिकांश कीट परागण (80%) केवल मधुमक्खी के द्वारा होता है। ये अधिकांशत: शोभाकारी होते हैं। शोभाकारी पादप इस परागण में अपनी सबसे ज्यादा ऊर्जा खर्च करते हैं तथा कीट-परागण हेतु ज्यादा से ज्यादा अनुकूलन पैदा करते हैं। …

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परागण के प्रकार

परागण | परागण के प्रकार | POLLINATION | परपरागण

Advertisement Advertisement परागण (POLLINATION) परागकणों का एक पुष्प के परागकोष से एक ही जाति के एक ही पुष्प या अलग-अलग पुष्पों के वतिकांग्र पर पहुंचने की क्रिया को परागण कहते हैं। परागण की क्रिया केवल जिम्नोस्पर्मस और आवृतबीजियों में घटित होती है। परागण के प्रकार– परागण दो प्रकार का होता है – स्वपरागण या परपरागण …

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भ्रूणकोष के प्रकार

गुरुबीजाणु जनन | megaspore reproduction | भ्रूणकोष

Advertisement Advertisement गुरुबीजाणु जनन गुरुबीजाणु मातृ कोशिका से अर्थसूत्री विभाजन के द्वारा गुरुबीजाणु के बनने की क्रिया को गुरुबीजाणु जनन कहते हैं। बीजाण्ड के विकास के दोरान, इस प्रक्रिया के प्रारंभ में बीजाण्डासन ऊतक से बीजाण्डकाय का निर्माण एक गोल घुण्डीनुमा अतिवृद्धि के रूप में होता है। इस अवस्था में बीजाण्डकाय की समस्त कोशिकाएं अविभेदित …

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नर युग्मक जनन | परागण से पूर्व परिवर्धन | परागण के बाद परिवर्धन बीजाण्ड के प्रकार

लघुबीजाणु या परागकण की संरचना | best biology notes

Advertisement Advertisement लघुबीजाणु या परागकण की संरचना परागकण नर युग्मकोद्भिद्‌ की प्रथम कोशिका है। परागकण के चारों तरफ दो आवरण पाये जाते हैंबाह्य चोल तथा अंतः चोल। बाह्य आवरण या बाह्य चोल मोटा, कठोर तथा अलंकृत होता है। यह बाह्य आवरण क्‍यूटीन तथा स्पोरोपोलेनिन का बना होता है। स्पोरोपोलेनिन अत्यधिक प्रतिरोधी होता है। यह उच्च …

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