Friday, December 9, 2022
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Chemistry class 12 Chapter 1 Solid State Hindi Medium

दोस्तों आज हम पढने वाले है chemistry class 12 chapter 2 solid state (ठोस अवस्था)

अध्याय – 1 ठोस अवस्था कक्षा 12

ठोस अवस्था (Solid State)

आज हम पढेंगे –
ठोस क्या है-
ठोसो की विशेषताएँ –
ठोसो के प्रकार- 

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ठोस की परिभाषा- वे पदार्थ जिनका आकार व आयतन निश्चित होता है उन्हें ठोस कहते हैं.| उदाहरण – लोहा , पत्थर , पेन , मोबाइल

ठोसो की विशेषताएँ –


•प्रत्येक ठोस अवयवी कणों से मिलकर बना होता है।
ये अवयवी कण अणु , परमाणु  या आयन होते है। 
•ये  निबिड संकुलित होते है
• ठोस असंपीडनीय होते है |
•ठोस कठोर होते हैं।
•इसका आयतन निश्चित बना रहता है।
•इनका घनत्व अधिक होता है।

ठोसो के प्रकार –

ठोस के प्रकार –
1.क्रिस्टलीय ठोस
2.अक्रिस्टलीय ठोस

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क्रिस्टलीय ठोस- वे ठोस जिनके रचक घटक अणु, परमाणु या आयन एक नियमित क्रम में व्यवस्थित होते है, क्रिस्टलीय ठोस कहलाते है |

क्रिस्टलीय ठोस के गुण-


•क्रिस्टलीय ठोस का गलनांक निश्चित होता है।
•क्रिस्टलीय ठोस विषमदैशिक होते हैं।
•क्रिस्टलीय ठोस को तेज धार वाले औजार से काटने पर इसके दो भागों में विभक्त टुकड़ों की सतहें सपाट तथा चिकनी होती हैं।
•क्रिस्टलीय ठोस वास्तविक ठोस होते हैं

अक्रिस्टलीय ठोस – वे ठोस जिनके रचक घटक अणु, परमाणु या आयन एक नियमित क्रम में व्यवस्थित होते है, अक्रिस्टलीय ठोस कहलाते है |

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अक्रिस्टलीय ठोस के गुण-


•अक्रिस्टलीय ठोस का गलनांक निश्चित नही होता।
•अक्रिस्टलीय ठोस सममदैशिक होते हैं।
•अक्रिस्टलीय ठोस को तेज धार वाले औजार से काटने पर इसके दो भागों में विभक्त टुकड़ों की सतहें सपाट तथा चिकनी नहीं होती हैं।
•अक्रिस्टलीय ठोस आभासी ठोस होते हैं

 गुण क्रिस्टलीय (Crystalline) अक्रिस्टलीय (non crystalline)
 1. ज्यामितीय आकार इनका ज्यामितीय आकार निश्चित होता है। इनका ज्यामितीय आकार निश्चित नहीं होता।
 2. अवयवी कणों की व्यवस्था नियमित क्रम में होती है |  नियमित क्रम में नही होती है
 3. प्रकृतिवास्तविक ठोसआभासी ठोस या अतिशीतित द्रव
 4. गलनांकनिश्चित होता है।निश्चित नहीं होता
 5. गलन ऊष्मानिश्चित होती है।निश्चित नहीं होती।
 6. दैशिकता ये विषम दैशिक होते है। उदाहरण कॉपर , लोहा , ये सम दैशिक होते है। उदाहरण : काँच , लकड़ी , रबड़ ,

सम दैशिकता किसे कहते है ?

ठोसों के भौतिक गुण जैसे अपवर्तनांक, विधुत , ऊष्मा चालकता व यांत्रिक सामर्थ्य आदि के मान किसी ठोस में अलग अलग दिशाओं से ज्ञात करने पर यदि ये मान समान आते है तो इन्हे सम दैशिक ठोस कहते है। और इस गुण को सम दैशिकता कहते है।
Note: अक्रिस्टलीय ठोस में अवयवी कण निश्चित क्रम में नहीं होते अतः ये सम दैशिक है।

विषम दैशिक किसे कहते है ? 

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ठोसों के भौतिक गुण जैसे – अपवर्तनांक विधुत, ऊष्मा चालकता , व यांत्रिक सामर्थ्य आदि के मान किसी ठोस में अलग अलग दिशाओं से ज्ञात करने पर यदि ये मान समान नहीं आते है तो उन्हें विषम दैशिक ठोस कहते है इस गुण को विषम दैशिकता कहते है।

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