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जीवों में जनन | लैंगिक जनन | SEXUAL REPRODUCTION IN HINDI

जीवों में जनन INTRODUCTION जीवों के जन्म से लेकर प्राकृतिक मृत्यु तक का समय जीवनकाल (life span) कहलाता है। यह कुछ दिनों से लेकर कुछ हज़ार वर्षों तक भिन्‍न होता है और जीवों के आकार से संबंधित नहीं होता है।  जनन सजीवों की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमें प्रत्येक जीव अपने ही समान एक नए …

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CHEMISTRY CLASS 11 PARYAVARAN PRADUSHAN

पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण प्रदूषक

पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण प्रदूषक मानव के द्वारा या फिर प्राकृतिक स्त्रोत द्वारा वायु, जल या मिटटी में अवाछनीय पदार्थों का मिलान होने से पर्यावरण खराब होता है, इसे पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं | अवांछनीय पदार्थ जो कि पर्यावरण में मिलाये जाते हैं उन्हें प्रदूषक कहते हैं। प्रदूषण के प्रमुख कारण तीव्र बढ़ती हुई आबादी, …

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विद्युत अपघटनी चालकता

विद्युत अपघटनी चालकता | संक्षारण | तुल्यांकी चालकता | BEST NOTES

विद्युत अपघटनी चालकता  विद्युत धारा की वह मात्रा जो कि विलयन में प्रवाहित हो सकती है. वह उसकी चालकत्व कहलाता है, चालकत्व प्रतिरोध के व्युत्क्रम के बराबर होता है,  चालकत्व की इकाई को ओम (ohm) के व्युत्क्रम (ओम–) में व्यक्त किया जाता है अर्थात म्हो (mho) या सीमेन्स  द्वारा व्यक्त करते हैं |  विद्युत अपघटनी …

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surface chemistry

कोलॉइडी विलयन | ब्राउनी गति | हार्डी-शल्जे नियम | स्कंदन

कोलॉइडी विलयन कोलॉइडी विलयनों के गुण 1. आकार– कोलॉइडी विलयन में उपस्थित कोलॉइड के कणों का आकार 10Å से 1000Å होता है। ये कण अणुओं से बड़े, किन्तु निलम्बन से छोटे होते हैं। ये माइक्रोस्कोप में अदृश्य होते हैं तथा फिल्टर पत्र में से बाहर निकल जाते हैं। विषमांग प्रकृति– कोलॉइडी विलयन विषमांग होते हैं। …

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उत्प्रेरक एवं प्रकार

उत्प्रेरक एवं प्रकार

उत्प्रेरक एवं प्रकार बर्जीलियस ( 1835 ) ke anusar कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं, जो स्वयं तो क्रिया में भाग नहीं लेते हैं, किन्तु वे अभिक्रिया के वेग को बढ़ा देते हैं ऐसे पदार्थ उत्प्रेरक  कहलाते  हैं  | ओस्टवाल्ड के अनसार, “वह पदार्थ जो अपनी उपस्थिति मात्र से किसी रासायनिक क्रिया के वेग को घटा …

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सतह रसायन

सतह रसायन यह रसायन शास्त्र की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत ठोसों के पृष्ठ तल (surface) के गुणों का अध्ययन किया जाता है। दो पावस्थाओं को पृथक् करने वाली परिसीमा को सतह कहते हैं। अधिशोषण और अवशोषण में अन्तर  अधिशोषण (Adsorption) अवशोषण (Absorption) 1. यह एक पृष्ठीय प्रक्रिया है। 2. द्रव या गैस की ठोस …

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ऊष्मागतिकी प्रक्रम

ऊष्मागतिकी प्रक्रम

ऊष्मागतिकी प्रक्रम – बह क्रिया जो किसी भौतिक व रासायनिक अवस्था में ऊर्जा परिवर्तन कराती हो, ऊष्मागतिक प्रक्रम या प्रक्रिया कहलाती है। के आधार पर इन को निम्न प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है- (i)समतापी प्रक्रम (Isothermal Process)-ऐसे प्रक्रम के प्रत्येक पद में तन्त्र का तापमान स्थिर रहता है। अत: (ii) रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process)- …

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thermodyanamics

ऊष्मागतिकी

ऊष्मागतिकी परिभाषा – ऊष्मागतिकी वह विज्ञान है जिसके अन्तर्गत ऊष्मा परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है। रसायन विज्ञान में ऊष्मा परिवर्तनो केवल रासायनिक क्रियाओं एवं रासायनिक पदार्थों तक ही सीमित रहता है। ऊष्मागतिकी एक महत्त्वपूर्ण विषय है, जिसकी सहायता से यह बताया जा सकता है कि कोई प्रक्रम या रासायनिक अभिक्रिया दिए हए ताप,दाब व …

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आयनिक साम्य

आयनिक साम्य | अम्ल और क्षारक की लुईस धारणा

आयनिक साम्य सन् 1842 में फैराडे ने सभी पदार्थों को इनके जलीय विलयन में से विद्युत धारा प्रवाहित होने देने की क्षमता  के आधार पर दो वर्गों में विभाजित किया। विद्युत् अपघट्य विद्यत अनअपघट्य विद्युत् अपघट्य–  वे यौगिक जो जलीय विलयन में विद्युत् का चालन करते हैं, विद्युत् अपघट्य (electrolyte) कहलाते हैं। Ex- अकार्बनिक अम्लों, …

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रासायनिक साम्यावस्था

रासायनिक साम्य

रासायनिक साम्य  रासायनिक साम्य , जिसमें समय के साथ अभिकारकों एवं उत्पादों के सांद्रण में कोई परिवर्तन नहीं होता है | रासायनिक साम्य कहलाता है जब अग्र क्रिया  की गति पश्चक्रिया  की गति के समान हो जाती है, तो साम्य स्थापित  हो जाता है | रासायनिक अभिकिया के प्रकार- उत्क्रमणीय अभिकिया अनुत्कमणीय अभिकिया वह अभिकिया जो …

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